May 24, 2024

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एड्स दिवस पर महावीर आयुर्वेदिक में हुए विशेष कार्यक्रम

एड्स दिवस पर महावीर आयुर्वेदिक में हुए विशेष कार्यक्रम
सरधना (मेरठ) विश्व एड्स दिवस के अवसर पर महावीर आयुर्वेदिक मैडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय, मेरठ के प्रांगण में एड्स को लेकर संगोष्ठी एवं मैडिकल कैम्प का अयोजन किया गया। जिसका उद्घाटन संस्थान के डायरेक्टर जनरल सतीश राघव, सी॰ई॰ओ॰ डॉ॰ आशीष बालियान, डायरेक्टर-एडमिन विक्रांत यादव एवं प्रधानाचार्य डॉ॰ देवदत्त भादलीकर ने भगवान धन्वंन्तरि के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित करके किया।
संस्थान के डायरेक्टर जनरल सतीश राघव ने बताया की पूरे विश्व में लगभग 30 मिलियन से ज्यादा एच॰आई॰वी॰ संक्रमक (पॉजीटिव) व्यक्ति है। इस जानलेवा महामारी के फैलने का मुख्य कारण असुरक्षित यौन संबंध, दूषित सुई एवं सिंरिज का प्रयोग, संक्रमित रक्त चढ़ाने से एवं संक्रमित गर्भवती से उसके शिशु में फैलने का सबसे ज्यादा खतरा होता है, वहीं दूसरी और इसका कोई टीका (वैक्सीन) एवं समुचित/प्रभावी उपचार न होने के कारण यह कैंसर एवं हिपेटाईटिस जैसी गंभीर बीमारियों से भी ज्यादा घातक है।
संस्थान के सी॰ई॰ओ॰ डॉ॰ आशीष बालियान ने ‘’जानकारी एवं जागरूकता ही बचाव’’ का स्लोगन देते हुए कहा की देश और पूरे विश्व में इसके विरूद्ध प्रचार-प्रसार से ही लड़ा जा सकता है। इसी के साथ उन्होने दो पंक्तियाँ भी कही-
ना फैलता है वो स्पर्श से,
ना ही हाथ मिलाने से,
ये बस एक बीमारी है, जो खत्म होगी,
हमारे जागरूक हो जाने से।।
इसी श्रृंखला में डायरेक्टर-एडमिन विक्रांत यादव ने छात्र-छात्राओं को जानकारी देते हुए बताया की विश्व एड्स दिवस हर साल 01 दिसंबर को पूरे विश्व भर मे एड्स के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिये मनाया जाता है। एड्स का पूरा नाम एक्वायर्ड इम्यूनो डेफिसिएंसी सिंड्रोम है। इसे हिंदी में उपर्जित प्रतिरक्षी अपूर्णता सहलक्षण भी कहते है। इसके कारण मानव शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली पर हमला होता है, जिसके कारण मानव की मृत्यु भी हो सकती है। एड्स अभी भी घातक बीमारियों में से एक हैं और इसका कोई ज्ञात इलाज नहीं है। हालांकि वायरस को पूरी तरह से फैलने से रोकने या कम करने के लिए दवाएं हैं। एच॰आई॰वी॰ के स्थानांतरण का कारण है लापरवाही या नजरअंदाज करना।
इसके उपरांत प्रधानाचार्य डॉ॰ देवदत्त भादलीकर ने इस घातक बीमारी के इलाज पर आयुर्वेद के महत्व पर व्याख्यान प्रस्तुत किया, उन्होने बताया कि विभिन्न आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों द्वारा एड्स की रोकथाम एवं उपचार किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि संस्थान में निशुल्क एड्स जागरूकता चिकित्सा शिविर का भी आयोजन किया गया। जिसमे आस-पास के क्षेत्रों के निवसियो ने एड्स से बचाव एवं खतरों के बारे मे जानकारी प्राप्त की।
संगोष्ठी में संस्थान के छात्र-छात्राओं द्वारा एड्स से बचाव एवं इसके होने के कारणो पर बढ़-चढ़ कर अपने विचार प्रस्तुत किये। इस कार्यक्रम में डॉ॰ मंसूर अहमद, डॉ॰ धनंजय, डॉ॰ सुरभि बंसल, डॉ॰ ज्याति, डॉ॰ मनीष शर्मा, डॉ॰ अभिषेक आनन्द, डॉ॰ रंजीत, डॉ॰ हर्षा, डॉ॰ अजीत एवं डॉ॰ मनीषा शुक्ला आदि का विशेष सहयोग रहा।
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