May 22, 2024

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कस्तूरबा गांधी विद्यालय की अव्यवस्था देख जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हुए दंग

kastoorbaकस्तूरबा गांधी विद्यालय की अव्यवस्था देख जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हुए दंग
एक दिन एडवांस हाजिरी लगी हुई मिली
जांची गई कॉपी में शिक्षिकाओं ने दिये गलत नंबर
सरधना (मेरठ) शनिवार को कस्तूरबा गांधी आवासिय विद्यालय का जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने औचक निरीक्षण किया तो वे स्कूल में फैली अव्यवस्थाएं देखकर भड़क गए।  निरीक्षण के दौरान अधिकारी को स्कूल की शिक्षिकाएं गप्पे लडाती मिलीं जबकि बच्चे खेलते हुए मिले यही नही इस आवासीय स्कूल में आधे से भी कम बच्चियों मिलीं। इस दौरान बीएसए को  रजिस्टरों में चौकीदार व गार्ड की एडवांस में हाजिरी लगी हुईं मिलीं जबकि बिना कॉपी जांचे ही स्कूल का रिजल्ट घोषित कर दिया गया। इसे लेकर लाल पीले हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी ने मौके पर ही जंची हुई कापियों को दूसरे जूनियर स्कूल शिक्षिका से जंवाया तो कापियों में एक ही सवाल के जवाब पर अलग-अलग नंबर दिये गए थे जिसे देखकर अधिकारी दंग रह गए और उन्होंने स्कूल की वार्डन को जमकर हड़काया।
शनिवार को तहसील के एक मात्र कस्तूरबा गांधी आवासिय विद्यालय भूनी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मोहम्मद इकबाल को औचक निरीक्षण के दौरान जो भी देखने को मिला उसे देखकर हर कोई दंग रह जाए। लगभग बारह बजे के करीब विद्यालय पहुंचे जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जब विद्यालय में घुसे तो अंदर शिक्षिकाएं आपस में बैठी गप्पे लडा रहीं थी जबकि बच्चियां खेल रहीं थीं। इसे देखकर वे दंग रह गए और उन्होंने शिक्षिकाओं को तलब किया तो वे सकपका गर्इं। पढ़ाई ना होने पर जवाब मांगा को बगले झांकने लगीं और उपस्थिति पूछने पर बताया गया कि विद्यालय में 95 में से मात्र 49 बच्चियां मौजूद थीं इसे लेकर भी उन्होंने नाराजगी जताई और हड़काते हुए कहा कि भारी भरकम स्टाफ होने के बाद भी छात्रा संख्या पूरी क्यों नही है। इसके बाद उन्होंने स्कूल के हाजिरी रजिस्टर देखे तो उनके होश उड़ गए रजिस्टर में गार्ड एक दिन पहले यानि 3 अप्रैल की हाजिरी लगाकर गायब था जबकि रात्रि चौकीदार की दो दिन की हाजिरी नही लगी हुई थी। इसे लेकर अधिकारी ने शिक्षिकाओं से जवाब मांगा तो वार्ड पूनम शर्मा ने बताया कि गलती से ऐसा हो गया लेकिन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने इसे मानने से इंकार कर दिया और अलग तरीके से नियम कायदे बनाकर काम करने व तमाम अव्यवस्थाओं को देखकर वे लाल पीले हो गए इस दौरान वार्डन व बीएसए में बहस भी  हुई। इस दौरान उन्होंने विद्यालय के रिजल्ट की जानकारी ली तो बताया गया कि रिजल्ट तीस मार्च को घोषित कर दिया गया था लेकिन अभी बच्चे रिजल्ट लेने नही आए हैं। इस पर बेसिक शिक्षा अधिकारी इकबाल ने जंची हुई कापियों को तलब कर लिया तो इसे लेकर शिक्षिकाओं के पसीने छूट गए। इस मौके पर अधिकारी ने जंची हुई कॉपी देखी तो उनके होश उड गए। कापियां जांचने में भारी अनियमितता बरती गई थी इस दौरान एक ही सवाल पर दो अलग-अलग छात्राओं को नंबर अलग दिये गए थे जबकि ओवरराइटिंग करके नंबर भी भेदभाव करके कुछ छात्राओं के बढ़ाए गए थे। इसके बाद जब अधिकारी का माथ ठनका तो उन्होंने कैंपस में ही मौजूद जूनियर स्कूल की दूसरी शिक्षिका को बुलाकर कस्तूरबा गांधी की शिक्षकाओं द्वारा जांची गर्इं कापियों को दोबार से अपने सामने बैठकर जांच कराई तो काफी खामिशं मिलीं और खुद शिक्षिका द्वारा ही डबल मार्किंग की गई थी और सही उत्तर पर गलत टिक की जगह सही टिक लगाकर उसे नंबर दिये गऐ थे बीएसए ने कापी दिखाते हुए बताया कि कस्तूरबा गांधी विद्यालय की शिक्षिकाओं को विज्ञान तक पढ़ाना नही आता है और कापियों में गलत तरीके से नंबर दिये गए हैं इसे लेकर पूरा विद्यालय स्टाफ कटघरे में खड़ा हो गया है । इस दौरान रात में चोरी होने पर रात्रि चौकीदार को भी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने आडे हाथों लेते हुए चौबीसों घंटे डयूटी करने की चेतावनी दी। इस मौके पर एबीएसए इकबाल ने बताया कि कस्तूरबा गांधी विद्यालय में कोई भी काम ठीक ढंग से नही मिल पाया है और पूरे स्टफ की भूमिका संदिग्ध है इसके लिये वार्डन को पत्र लिखकर स्पष्टिकरण मांगा जाएगा। बहरहाल इस पूरे मामले को लेकर विद्यालय के स्टाफ की सांसें अटकी रहीं और लग•ाग आधा घंटे तक निरीक्ष कर बीएसए चेतावनी देकर लौट गए।
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