May 22, 2024

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गाय की अंतिम यात्रा में उमड़ी ग्रामीणों की भीड़

gaayगाय की अंतिम यात्रा में उमड़ी ग्रामीणों की भीड़ 
8 वर्ष से परिवार की सदस्या थी किसान के परिवार में गाय
बैंड बाजे के साथ शव यात्रा को निकाला गया
सरधना (मेरठ) सरूरपुर के गांव गोटका में किसान के परिवार में जन्मी बच्छिया ने मरने के बाद ही घर से बाहर कदम रखा। इस दौरान किसान ने गाय को अपने पूर्वजों की तरह पूजते हुए मरने के बाद भी  गाय के शव को बैंड बाजे के साथ फूलों की वर्षा करते हुए खेत में ले जाकर दफना दिया। इस दौरान गाय के शव यात्रा में सैंकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
         जानकारी के मुताबिक गोटका गांव निवासी योगेन्द्र शर्मा ने बताया कि उनके परिवार में किसान हरिकांत शर्मा पुत्र सूरजमल ने 18 वर्ष पूर्व घर में गाय ने बछिया को जन्म दिया था। किसान ने बछिया को अपने बच्चों की तरह लाड़ प्यार से पाला था। बड़ी होने के बाद  बछिया ने कभी  दूध नही दिया गाय का काफी उपचार  कराया गया था। लेकिन उन्होने  गाय को आखिरी दम तक परिवार से अलग नही करने की कसम ले ली थी। गाय काफी दिनों से बूढ़ी हो चली थी लेकिन एक वर्ष से तो वह काफी कमजोर व बीमार रहने लगी थी। लेकिन उन्होने गाय की आखिरी सांस तक सेवा की। बुधवार की सुबह गाय ने जैसे ही अंतिम सांस ली तो परिवार में कोहराम मच गया। इस दौरान गाय के दफनाने के लिए परिवार की सहमति से बैंड बाजे की व्यवस्था की गई। हिंदू रीति रिवाज से सभी  रस्में पूरी करते हुए बैंड बाजे के साथ गाय की अंतिम यात्रा को खेतों पर ले गए और वहां पर जमीन में दफना दिया। किसान ने बताया कि वह गाय की मृत आत्मा की शांति के लिए पांच दिन बाद यज्ञ के साथ तेरंहवी भी करेंगे। इस दौरान योगेन्द्र शर्मा, अंकित गिरी, अमित, रामअवतार, अनीश, महबूब, कुलदीप, अमरपाल, विनोद आदि मौजूद रहे।
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