May 22, 2024

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छात्रवृत्ति के नाम पर फर्जीवाडा करने वाले गिरोह के ठगों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

chtrvrtiछात्रवृत्ति के नाम पर फर्जीवाडा करने वाले गिरोह के  ठगों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
बरेली के दो युवकों को साइबर सेल ने फर्जी दस्तावेजों के साथ पकड़ा 
एक जिला जज का पेशकार तो दूसरा डीएम का सैकेट्री  बताता 
एपीएम कॉलेज से दो लाख रुपये की उतारी कर चुके थे
अब  कॉलेज से बीस लाख रूपयों की थी मांग
सरधना (मेरठ) यूपी के कई कॉलेजों को छात्रवृत्ति के नाम पर ब्लैकमेल करके रुपये उतारी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश पुलिस की साइब्रर क्राइक की सेल ने किया है। यह गिरोह छात्रवृत्ति के पूरे कागज हासिल करने के बाद कॉलेजों को सालों से ब्लैकमेल करके ब्लैलिस्टेड कराने के नाम पर लाखों रुपये की उतारी कर चुका है। गिरोह के पकडे गए दो सदस्य बरेली के हैं और फर्जी आईडी वगैरहा तैयार करके हर्रा मोड़ के एपीएस कॉलेज से भी लाखों रुपये की ठगी कर चुके थे और बाकि के लिये धमकी भरे पत्र भेजकर  सीबीआई से जांच कराने की बात करके और उतारी करने में लगे हुए थे। कॉलेज प्रबंधक की शिकायत पर मेरठ की साइबर सेल ने दो युवकों को फर्जी दस्तावेजों,लैपटॉप व नगदी सहित गिरफ्तार किया है।  इनमें से एक युवक खुद को सीतापुर के जिला जज का पेशकार बताता था ता दूसरा डीएम का सैकेट्ररी । पुलिस ने पूछताछ कर दोनों ठगों को जेल भेज दिया है।
यह ठगी का पूरा मामला हर्रा मोड के चौपले पर स्थित एपीएस कॉलेज आॅफ एजूकेशन से जुडा हुआ है। दरअसल यहां के प्रबंधक सिद्धार्थ जैन से एक वर्ष पहले किसी राकेश यादव नाम के  शख्स ने कॉलेज में छात्रवृत्ति में फर्जीवाडा बताते हुए रुपयों की माग की थी रूपये न देने पर शासन से शिकायत कराके कॉलेज को ब्लैकलिस्टेड करा देने की भी धमकी दी थी । इस तरह से उसने कई बार कॉलेज में लैटर वगैरहा पोस्ट करके शासन से शिकायत करने का शिगूफा तैयार किया और रूपयों की मांग करने लगा। तंग आकर प्रबंधक ने शिकायतकर्ता के  दबाव पडने पर चार किस्तों में पचास-पचास हजार रुपयों की किस्त दे दी थी । लेकिन इसके बाद भी राकेश यादव बताने वाले इस शख्स की डिमांड जारी रही और उसने मेरठ के इंस्टीट्यूट आॅफ मैनेजमैंट को ब्लैकलिस्टेड कराने की बात बताते हुए रुपयों की मांग की। लेकिन जब कॉलेज प्रबंधक ने रूपयों की मांग पूरी नही की तो उक्त राकेश यादव ने कॉलेज में खुद को सीतापुर के जिला जज का पेशकार बताते हुए लैटर पर लैटर भेज डाले और पूरा दबाव बना दिया। जबकि दूसरे शख्स अमित कश्यप ने खुद को डीएम का पर्सनल सैकेट्ररी बताते हुए बीस लाख रूपयों की मांग रखी और ना देने पर मामले की शिकायत अल्पसंख्यत विभाग व सीबआई से छापा लगवाने की धमकी देते हुए रुपयों की डिमांड जल्द पूरी ना करने पर अंजाम भुगतने  की धमकी भी दी। जिससे  तंग आकर प्रबंधक सिद्धार्थ  जैन चार दिन पूर्व एसपी क्राइम अजय सहदेव से मिले और पूरे मामले के दस्तावेज दिखाते हुए शिकायत की। जिसके बाद सक्रिय हुई साइबर सेल ब्रांच पुलिस की टीम ने जाल बिछाकर दोनों की मोबाइलों पर आ रहे संदेश और कॉल के आधार पर लोकेशन पता करके बुधवार को बरेली से धर दबोचे । जिसके बाद पुलिस ने बताया कि पकडे गए बरेली निवासी सचिन कश्यप उर्फ राकेश यादव पुत्र धर्मवीर सिंह निवासी कालीचरण मार्ग सुभाष नगर लखनऊ व मोहित कश्यप उर्फ अमित कश्यप पुत्र रामदयाल उर्फ सुरेशचंद निवासी डल स्टोरी रेलवे कॉलोनी सुभाष नगर लखनऊ को गिरफ्तार कर लिया। जिनके पास से पुलिस ने एक लैपटॉप,तीन मोबाइल व सिम,फर्जी दस्तावेज व शासन को दिये गए कॉलेज के तमाम शिकायती पत्रों सहित रूपये भी बरामद किये। पुलिस ने बताया कि पकडे गए दोनों ठगों द्वारा फर्जी आईडी व फर्जी कागजातों का इस्तेमाल किया गया था और फर्जी रूप से कॉलेजों की शिकायत शासन से करके वे लाखों रुपयों की उतारी कर चुके थे और बाकि से तैयारी थी। इस तरह से एपीएस कॉलेज के प्रबंधक सिद्वांत जैन की सतकर्ता से अन्य कॉलेजों से फर्जीवाडा करके होने वाली ठगी को बंद कर दिया।  एसओ विनोद कुमार ने बताया कि पकडे गए दोनों ठगों के पिता  रेलवे विभाग में कर्मचारी हैं और दोनों पॉलिटेक्निक के छात्र हैं और अमीर बनने की चाहत में उन्होंने ये सब कर दिया। पुलिस ने दोनों को पूछताछ के बाद जेल भेज  दिया है।
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