May 24, 2024

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तैहमूरनिशा दहेज हत्याकांड़ : पुलिस खेल रही हे मामले में पीड़ितों के साथ खेल

तैहमूरनिशा दहेज हत्याकांड़ : पुलिस खेल रही हे मामले में पीड़ितों के साथ खेल
नामजद को पकड़ा नही और दूसरे को आरोपी बनाया
छह दिन बाद भी पुलिस लापता तीन माह की बच्ची नही दिला पाई
दारोगा बोला हत्यारोपी को ना पकडना मेरी मजबूरी
सरधना (मेरठ) खिवाई के विवाहिता तैहमूरनिशा हत्याकांड़ में पुलिस ने अब खेल शुरु कर दिया है। दो मुख्य आरोपियों को जेल भेजने के बाद बाकि बचे आरोपियों को बचाने के लिये पुलिस आरोपियों से मिल गई है और उन्हें दबिश देने से पहले सूचना देकर अलर्ट कर रही है। यहीं नही पीड़ितों ने पुलिस पर आरोपियों से साज खाकर मामले को पूरी तरह से डाईवर्ट करके एक आरोपी का नाम निकालने को लेकर दूसरे को बेवजह आरोपी बनाने पर तुली हुई है। जिसे लेकर पीड़ितों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर अंगुली उठाते हुए पूरे मामले की शिकायत मंत्री दरबार में की है। दूसरी और मृतका की दूसरी बहन की बच्चे का ससुराल वालों ने उसी दिन से अपहरण कर रखा है और पुलिस उसे तक बरामद नही कर पाई है।
गौरतलब है कि गत छह अप्रैल को भावनपुर थाने के पचपेड़ा निवासी सुलतान की एक बेटी तैहमूरनिशा की उसके ससुराल वालों ने फांसी लगाकर हत्या कर दी थी जबकि ससुराल वालों के हमले में दूसरी बहन मैहरूनिशा बच गई थ जो अ•ाी अस्पताल में है। इस मामले में मृतका के पिता सुलतान ने दोनों के पति फुरकान व साजिद उनके पिता इकबाल व मां कुरैशा व खालिद को नामजद किया था हत्या के बाद से स•ाी फरार चल रहे थे। हालांकि दो दिन पूर्व दोनों मुख्य आरोपियों को मंत्री ने पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था। लेकिन इसके बाद से अब पुलिस फरार तीनों नाजमद आरोपियों का पक ड़ने के बजाय मामले में खेल करने में लग गई है। इस बारे में पीड़ित सुलतान ने बताया कि पुलिस दोनों मुख्य आरोपियों को पकड़ने के बाद से मामले में कोर्इ्र कार्रवाई नही कर ही है और पुलिस सारी कार्रवाई खुद पर प्रश्न चिन्ह लगाने वाली कर रही है। पीड़ित ने बताया कि दो दिन पूर्व वह खुद खिवाई चौकी पर गया और मौजूद इंचार्ज को सूचना दी कि आरोपी खालिद अपने घर पर मौजूद हैलेकिन इंचार्ज ने पहले तो मामले में हिला हवाली की और फिर मोबाइल से आरोपी को सूचना करके कुछ देर बाद दबिश के लिये तैयार हुआ लेकिन उसके घर से पहले ही रुक कर बोला कि वह तो भाग गया सवाल करने पर दरोगा वापस उन्हें बहकाकर चौकी ले आया और बताया कि उसकी मजबूरी है कि वह आरोपी को नही पकड़ सकता है जिसके  जवाब पर पीड़ित दंग रह गए और वहां से चले गए। इसके अलावा अब पुलिस ने नया खेल यह कर दिखाया कि फरार खालिद को पकड़ने के बजाए मुख्य आरोपियों के बहनोई मुर्सलीन को दो दिन पहले पकड़कर हवालात में बैठा लिया जबकि पीड़ित और हमले में बची दूसरी विवाहिता चिख चिख कर उसे आरोपी नही बता रही हैं लेकिन पुलिस है कि अपनी मनगढंत कहानी तैयार करके बता रही है कि मुर्सलीन के खिलाफ पचास लोगों ने प्रार्थन पत्र दिये है और उसकी उस रात की लोकेशन भी हत्या स्थल की आ रही है जिसे आरोपी बनाने की पुलिस पूरी तैयारी कर रही है जबकि दूसरे फरार आरोपी खालिद को इस मामले में पुलिस पूरी तरह से बचाने में लगी हुई है । इसे लेकर सोमवार को पीड़ित एसओ से मिला और खालिद को पुलिस पर बचाने का आरोप लगाते हुए मोटा सुविधा शुल्क लेने का आरोप भी लगाया और पुलिस पर मनमर्जी से काम कर रही है इसके अलावा भी पीड़ितों ने पुलिस पर हमले में बची दूसरी विवाहिता के तीन माह के बच्चे का हत्या के बाद से आज तक सुराग नही लगा पाने का भी आरोप लगाया है कुल मिलाकर इस मामले में पुलिस की भूमिका पूरी तरह से सदिंग्ध चल रही है और इसे लेकर पीड़ित मजबूर पैरोकारी कर रहे है पूरे मामले को उन्होंने मंत्री के समक्ष रखते हुए पुलिस की करतूत से भी अवगत कराया है  जिससे ये मामला पुलिस के गले की फांस भी बन सकता है। हालांकि इस बारे गमें जांचकर्ता सीओ सरधना ब्रजेश कुमार ने का कहना है कि पुलिस सही ढंग से काम कर रही है आरोप गलत हैं।
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