May 24, 2024

Sahi Khabar

Let's Know The Truth

सरूरपुर गांव में लगातार प्रमुखी की लाज बचाने में कामयाब रहे चौधरी हरेंद्र

सरूरपुर गांव में लगातार प्रमुखी की लाज बचाने में कामयाब रहे चौधरी हरेंद्र
सरधना (मेरठ) सरूरपुर ब्लॉक प्रमुखी पद के सरूरपुर गांव में रखने का सिलसिला सपा प्रत्याशह हरेंद्र सिंह भी बचाने में कामयाब रहे हैं। लगातार 44 साल तक ब्लॉक प्रमुखी पद पर राज करने वाले सरूरपुर गांव से इस बार यह पद छिनने की पूरी आशंका ऊधम सिंह के प्रत्याशी के मैदान में आने से बन गई थी। लेकिन इस मिथक को 44 साल बाद भी आगे बढ़ाते हुए अब हरेंद्र सिंह ने भी इतिहास रच दिया और प्रमुखी जीत कर सरूरपुर गांव की लाज बचाने में कामयाब रहे हैं।
 दरसअसल सरूरपुर ब्लॉक में प्रमुखी पद पर सन 1960 से लेकर 1971 तक पाथौली गांव के खेमकरन ब्लॉक प्रमुख रहे थे। लेकिन इसके बाद सन 1972 से लेकर 2001 तक 27 सालों तक यहां सरूरपुर के शांतिस्वरूप बंसल परिवार का कब्जा रहा था। जिसके तहत शांति स्वरूप बंसल,दो बार योगेश कुमार बंसल,रीतू बंसल व डॉ.देवेंद्र बंसल ब्लॉक प्रमुख रहे। इसके बाद यह पद पिछडी जाति मे जाने के बाद भी सरूरपुर में ही सुरक्षित रहा और सन 2006 से 2011 तक  प्रमुख रहे थे। इसके बाद पद अनुसूचित में जाने पर यहां से फिर से सरूरपुर निवासी ज्योति देवी ब्लॉक प्रमुख बनने में कामयाब रहीं और उन्होंने भी सरूरपुर में प्रमुखी रखने का मिथक बनाये रखा। हालांकि इस बार यहां ऊधम के प्रत्याशी के मैदान में आने से कठिन माना जा रहा था और लोक ऊधम के प्रत्याशी के सामने चुनाव लड़ने को किसी भी  सूरत में तैयार नहीं थे। जिससे लगने लगा था कि इस बार 44 साल बाद प्रमुखी सरूरपुर गांव से छिन जाएगी और ऐसे समीकरण बन भी गए थे। लेकिन क्षेत्र की जनता और सपा का साथ मिलने से सरूरपुर में चुनाव लड़ने की हिम्मत फिर से पूर्व प्रमुख राजेंद्र सिंह के परिवार ने ही दिखाई। जिसके बाद उन्हें क्षेत्र की जनता का भी समर्थन मिला और जीत दर्ज करके सरूरपुर गांव में प्रमुखी रखने का सिलसिला बरकरार रखा और गांव की लाज रखकर दिखाई। इसे लेकर एब बार फिर से सरूरपुर गांव के लोगों में हर्ष का माहौल बना हुआ है और हरेंद्र सिंह के प्रमुखी बनने पर उन्हें पूरे गांव के लोगों ने सर आंखों पर बैठाया है।
error: Content is protected !!